कैमरे और far-plane के बीच का स्थान जहाँ ऑब्जेक्ट दिखाई देते हैं — परिभाषित करता है कि क्या दृश्य में रहता है। 3D ट्रैकिंग के लिए महत्वपूर्ण।
व्यूइंग फ्रस्टम (Viewing Frustum) कैमरा पोजीशन और फार-प्लेन (Far-Plane) के बीच बनता है — यह उस आभासी दृश्य शंकु (virtual cone of vision) को दर्शाता है जिसमें इंजन वास्तव में ज्यामिति (geometry) की गणना और प्रस्तुति करता है। इस फ्रस्टम के बाहर की कोई भी चीज़ रेंडरर (renderer) के लिए मौजूद नहीं होती है। यह सैद्धांतिक लगता है, लेकिन 3डी-ट्रैकिंग (3D-tracking), मोशन कैप्चर (motion capture) या वीएफएक्स-इंटीग्रेशन (VFX-integration) के साथ काम करते समय यह तुरंत व्यावहारिक हो जाता है: यदि आपका व्यूइंग फ्रस्टम बहुत संकीर्ण रूप से परिभाषित है, तो वे वस्तुएँ गायब हो जाएँगी जो वास्तव में दिखाई देनी चाहिए — यदि यह बहुत दूर तक फैला है, तो यह अनावश्यक रूप से मेमोरी और थ्रूपुट (throughput) की कंप्यूटिंग शक्ति को खा जाता है।
सेट पर और पोस्ट-प्रोडक्शन (post-production) में, हम इसे स्पष्ट रूप से नाम दिए बिना लगातार इस ज्यामिति के साथ काम करते हैं। एक ट्रैकिंग-सॉल्वर (tracking-solver) जो एक कैमरा पथ (camera path) का पुनर्निर्माण करता है, उसे यह समझने के लिए एक सही व्यूइंग फ्रस्टम की आवश्यकता होती है कि कौन से मार्कर (markers) या फीचर्स (features) वास्तव में दिखाई दे रहे थे। यदि आप गलत नियर-प्लेन (Near-Plane) और फार-प्लेन (Far-Plane) मान दर्ज करते हैं, तो सॉल्वर गहराई (depth) को गलत तरीके से व्याख्या कर सकता है या उन वस्तुओं को अनदेखा कर सकता है जो सीमा से बाहर हैं, लेकिन कैलिब्रेशन (calibration) के लिए महत्वपूर्ण होंगी। लाइव-कंपोजिटिंग (live-compositing) के साथ ग्रीनस्क्रीन (greenscreen) के काम के लिए यह महत्वपूर्ण है: 3डी-स्पेस (3D-space) में आभासी कैमरे का व्यूइंग फ्रस्टम भौतिक कैमरे के समान ही होना चाहिए, अन्यथा पैरालैक्स (parallax) सही नहीं होगा।
व्यावहारिक रूप से इसका मतलब है: अधिकांश ट्रैकिंग टूल (Nuke, 3DEqualizer, Maya) में, आप जानबूझकर नियर और फार प्लेन सेट करते हैं — बहुत करीब नहीं (वस्तुओं को काट देता है), बहुत दूर नहीं (सटीकता और सीपीयू (CPU) को बर्बाद करता है)। मोशन-कैप्चर (motion capture) के संदर्भ में, परिभाषा वास्तविक स्थान में आपके मार्करों से मेल खानी चाहिए; यदि आप एक छोटे वॉल्यूम (volume) के साथ काम कर रहे हैं, तो एक संकीर्ण फ्रस्टम समझ में आता है, बड़े दृश्यों के लिए व्यापक। कulling (culling) — यानी दृश्य क्षेत्र (viewing area) के बाहर की ज्यामिति को स्वचालित रूप से छोड़ना — एक स्पष्ट रूप से परिभाषित व्यूइंग फ्रस्टम जीपीयू (GPU) की बहुत मदद करता है, क्योंकि उसे हजारों अदृश्य बहुभुजों (polygons) को संसाधित नहीं करना पड़ता है।
एक सामान्य गलती: व्यूइंग फ्रस्टम को वास्तविक छवि फ्रेम (image frame) के बजाय ऑप्टिकल अक्ष (optical axis) के चारों ओर बहुत सममित रूप से सेट करना। इससे रीफ्रेमिंग (reframing) या कैमरा मूवमेंट्स (camera movements) के दौरान विकृतियाँ (distortions) होती हैं। कुछ सिस्टम ऑर्थोग्राफ़िक व्यूइंग फ्रस्टम (orthographic viewing frustums) (एनीमेशन ट्रिक्स (animation tricks) या साइड-व्यू (side-view) के काम के लिए) प्रदान करते हैं — जहाँ फ्रस्टम वास्तव में एक बॉक्स-वॉल्यूम (box-volume) होता है। विभिन्न रेंडरिंग इंजनों (rendering engines) के बीच स्विच करते समय इस अंतर को समझना महत्वपूर्ण है।
संबंधित शब्द
क्विज़
1. Zu welchem Department gehört „Sichtpyramide"?