एल्गोरिदम-आधारित टेक्सचर और ज्यामिति निर्माण — मैनुअल मॉडलिंग के बिना अनंत मापनीय। रेंडर समय कम करता है, सतह भिन्नता असीम।
प्रोसिजरल (Procedural) में, हम हाथ से मॉडल किए गए एसेट्स (assets) के साथ काम नहीं करते हैं, बल्कि कंप्यूटर को परिभाषित नियमों के अनुसार टेक्सचर (textures) और ज्योमेट्री (geometry) उत्पन्न करने देते हैं। यह अविश्वसनीय रूप से समय बचाता है यदि आपको अचानक 500 अलग-अलग चट्टानों की आवश्यकता हो या कई किलोमीटर तक फैले एक मुखौटे को भिन्न करने की आवश्यकता हो — आप तर्क को एक बार लिखते हैं, और एल्गोरिथम (algorithm) इसे चलाता है। सेट पर या कंपोज़िटिंग (compositing) में, आप इसे विशेष रूप से वनस्पति, क्षरण, जंग या प्रोसिजरल सतह विवरणों में देखते हैं, जिन्हें अन्यथा हाथ से पेंट या मैप करना पड़ता।
इसका मूल नॉन-डेस्ट्रक्टिव कंट्रोल (non-destructive control) में निहित है। जबकि पारंपरिक वर्कफ़्लो (workflow) में आप एक टेक्सचर पेंट करते हैं या एक मॉडल को स्कल्प्ट (sculpt) करते हैं, यहां आप पैरामीटर (parameters) बनाते हैं — खुरदरापन, रंग भिन्नता, स्केलिंग (scaling), आवृत्ति। यदि आप एक मान बदलते हैं, तो पूरी सतह तुरंत पुनर्जीवित हो जाती है। Houdini या Substance Designer में यह रोज़मर्रा का काम है: आप नोड्स (nodes) को स्टैक (stack) करते हैं, ऑपरेशनों (operations) से नेटवर्क (networks) बनाते हैं, और प्रत्येक आउटपुट अगले को फ़ीड (feed) करता है। यह क्लाइंट फीडबैक (client feedback) में इटरेशन (iteration) को भी बेहद दर्द रहित बनाता है — कोई मैन्युअल रिटच (retouch) नहीं, बस स्लाइडर को एडजस्ट (adjust) करें।
व्यावहारिक लाभ महत्वपूर्ण हैं। परफॉरमेंस (Performance) पहले: 200 MB टेक्सचर मैप्स के बजाय, आपको शायद 5 KB नोड्स का एक नेटवर्क चाहिए। यह रियल-टाइम इंजनों (real-time engines) या भारी ज्योमेट्री घनत्व के लिए मायने रखता है। असीमित भिन्नता — आप रैंडम फ़ंक्शन (random function) को फिर से सीड (seed) करते हैं, तुरंत एक ही ज्योमेट्री पर एक अलग क्षरण पैटर्न प्राप्त करते हैं, बिना क्लोन (clone) किए। और बहुत उच्च रिज़ॉल्यूशन (resolution) या सिमुलेशन आउटपुट (simulation output) वाले वीएफएक्स शॉट्स (VFX shots) के लिए — विस्फोट के बाद सतह पर गंदगी, बर्फ का जमाव, जैविक वृद्धि — प्रोसिजरल अक्सर एकमात्र कुशल तरीका होता है।
सीमाएं वास्तविक हैं। प्रोसिजरल के लिए गणितीय सोच की आवश्यकता होती है — हर रचनात्मक सनक को सुरुचिपूर्ण ढंग से नोड्स में व्यक्त नहीं किया जा सकता है। सेट पर, आपको यह उम्मीद करनी चाहिए कि पर्यवेक्षक एक निश्चित जैविक अनुभव चाहता है जिसे आप मापदंडों के माध्यम से मुश्किल से प्राप्त कर सकते हैं। कुछ विवरण — एक विशेष खरोंच, पैटीना (patina) में एक कहानी — हाथ से बेहतर ढंग से संभाले जाते हैं। सुनहरा मध्य मार्ग: मूल तर्क और नियतात्मक भिन्नता के लिए प्रोसिजरल, फिर ऊपर चुनिंदा हाथ-ट्वीक्स (hand-tweaks)। यह काम का 80 प्रतिशत बचाता है और नियंत्रण का 100 प्रतिशत बनाए रखता है।
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क्विज़
1. Was beschreibt „Procedural" am besten?
2. Zu welchem Department gehört „Procedural"?