तकनीकी विवरण
संगीत-स्टेम (Music Stems) डिफ़ॉल्ट रूप से 24-बिट/48kHz WAV या AIFF प्रारूप में डिलीवर किए जाते हैं और आमतौर पर 5.1 या 7.1 सराउंड कॉन्फ़िगरेशन शामिल करते हैं। अधिक जटिल निर्माणों में ऑर्केस्ट्रा (स्ट्रिंग्स, ब्रास, पर्कशन), इलेक्ट्रॉनिक तत्वों और वोकल्स के लिए अलग सब-स्टेम (Sub-Stems) उत्पन्न होते हैं। अंतिम मिक्स (Final Mix) में पर्याप्त डायनामिक रेंज सुनिश्चित करने के लिए स्टेम को आमतौर पर -20dBFS हेडरूम के साथ मास्टर किया जाता है। Pro Tools या Nuendo जैसे आधुनिक डिजिटल ऑडियो वर्कस्टेशन (DAWs) एक साथ 32 समानांतर स्टेम ट्रैक को प्रोसेस कर सकते हैं।
इतिहास और विकास
संगीत-स्टेम का व्यवस्थित उपयोग 1977 में डॉल्बी स्टीरियो सिस्टम (Dolby Stereo System) की शुरुआत और जॉर्ज लुकास की "स्टार वार्स" के साथ स्थापित हुआ, जहाँ जॉन विलियम्स की ऑर्केस्ट्रा रिकॉर्डिंग को पहली बार सिनेमाई मिक्सिंग के लिए अलग 6-ट्रैक स्टेम के रूप में तैयार किया गया था। 1990 के दशक में डिजिटल पोस्ट-प्रोडक्शन में परिवर्तन ने स्टेम के दोषरहित संग्रह और मनमानी पुनर्संयोजन को संभव बनाया। 2010 के बाद से, संगीत-स्टेम को डॉल्बी एटमॉस (Dolby Atmos) जैसे ऑब्जेक्ट-आधारित प्रारूपों में भी निर्मित किया जा रहा है, जो 128 व्यक्तिगत ऑडियो ऑब्जेक्ट तक प्रबंधित कर सकते हैं।
फिल्म में व्यावहारिक उपयोग
क्रिस्टोफर नोलन की "इंसेप्शन" (2010) ने हंस ज़िमर के 14 अलग-अलग संगीत-स्टेम का उपयोग किया, जिसमें ड्रीम लेयर्स को ध्वनिक रूप से अलग करने के लिए अलग ब्रास स्टैब्स (Brass Stabs) और स्ट्रिंग क्रेसेंडो (String Crescendi) शामिल थे, ताकि ड्रीम लेयर्स को ध्वनिक रूप से अलग किया जा सके। एक्शन दृश्यों में, संगीत-स्टेम को अक्सर 2-4 सेकंड के सेगमेंट में काटा और पुनर्व्यवस्थित किया जाता है ताकि वे कट रिदम (Cut Rhythm) और इमेज एडिटिंग (Image Editing) के साथ सिंक्रनाइज़ हो सकें। संगीत-स्टेम ADR सत्रों (Automated Dialogue Replacement) के दौरान संगीत को अस्थायी रूप से कम करने की अनुमति देते हैं, बिना डायलॉग और साउंड इफेक्ट्स को प्रभावित किए।
तुलना और विकल्प
पूर्ण साउंडट्रैक मिक्स के विपरीत, संगीत-स्टेम में कोई अन्य ध्वनि तत्व शामिल नहीं होते हैं और वे पहले से ही आंतरिक रूप से मिश्रित होने के कारण अलग-अलग वाद्य यंत्रों के ट्रैक से भिन्न होते हैं। डायलॉग-स्टेम (Dialogue Stems) और इफेक्ट-स्टेम (Effect Stems) संगीत-स्टेम के साथ मिलकर मुख्य मिक्स (Pre-Mix) का मानक त्रय बनाते हैं। लेबैक प्रक्रियाएं (Layback Procedures) मूल मल्टीट्रैक रिकॉर्डिंग का उपयोग करती हैं, लेकिन उन्हें पूर्ण स्टूडियो मिक्स तक पहुंच की आवश्यकता होती है और वे पोस्ट-प्रोडक्शन में कम लचीली होती हैं।