तकनीकी विवरण
क्यू (Cue) को SMPTE-टाइमकोड का उपयोग करके 1/24-सेकंड के आधार पर (24fps पर) सिंक्रनाइज़ किया जाता है और आमतौर पर 2-8 बार की प्री-रोल (Pre-Roll) के साथ कंपोज़ किया जाता है। नंबरिंग रीलों की संरचना के अनुसार व्यवस्थित रूप से की जाती है: "1M1" रील 1 में पहले म्यूजिक-क्यू (Music-Cue) को दर्शाता है। प्रो टूल्स (Pro Tools) जैसे आधुनिक डिजिटल ऑडियो वर्कस्टेशन (DAWs) क्यू-लिस्ट (Cue-List) के साथ काम करते हैं, जिसमें स्टार्ट-TC, एंड-TC, फेड-इन/आउट पॉइंट और हिट-पॉइंट (Hit-Point) (सटीक सिंक क्षण) शामिल होते हैं। स्ट्रीमर्स (Streamers) - 3-2-1 मार्करों के साथ विज़ुअल काउंटडाउन सहायता - संगीतकारों को क्यू के उपयोग के लिए तैयार करते हैं।
म्यूजिक-क्यू (Music-Cues) (ऑर्केस्ट्रल या इलेक्ट्रॉनिक कंपोज़िशन), सोर्स-क्यू (Source-Cues) (फिल्म की दुनिया से डायजेनेटिक संगीत) और इफेक्ट्स-क्यू (Effects-Cues) (मेलोडिक संरचना के बिना वायुमंडलीय ध्वनि परिदृश्य) के बीच अंतर किया जाता है।
इतिहास और विकास
क्यू सिस्टम 1927 में टॉकी (Tonfilm) में संक्रमण के साथ उभरा, जब वार्नर ब्रदर्स ने "द जैज़ सिंगर" के लिए पहली बार सिंक्रोनस संगीत-से-चित्र मैपिंग को कैटलॉग किया। मैक्स स्टीनर ने 1933 में RKO में "किंग कॉन्ग" के लिए क्यू-शीट (Cue-Sheet) प्रणाली की स्थापना की, जो आज भी मान्य है, जिसमें 47 क्रमांकित व्यक्तिगत क्यू शामिल हैं। 1950 में मेजर स्टूडियो ने 10 फीट फिल्म (24fps पर 6.67 सेकंड) की मानकीकृत क्यू लंबाई को सबसे छोटी इकाई के रूप में पेश किया।
1985 में डिजिटलीकरण ने MIDI-टाइमकोड के साथ अधिक सटीक सिंक्रनाइज़ेशन लाया। 2010 के बाद से, सेशनवायर (SessionWire) जैसे क्लाउड-आधारित सिस्टम भौगोलिक रूप से अलग-अलग संगीतकारों और ऑर्केस्ट्रा के बीच रीयल-टाइम सहयोग को सक्षम करते हैं।
फिल्म में व्यावहारिक उपयोग
जॉन विलियम्स ने "स्टार वार्स" (1977) के 134 मिनट के स्कोर को 21 मुख्य क्यू में संरचित किया, जिसमें क्यू "1M1 मेन टाइटल" ठीक 5:20 मिनट तक चलता है। हैंस ज़िमर ने "इंसेप्शन" (2010) के लिए मॉड्यूलर क्यू अवधारणा विकसित की: विभिन्न टेम्पो में मूल क्यू, जिन्हें अंतिम कट के अनुसार समायोजित किया जा सकता है।
स्पॉटिंग प्रक्रिया (Spotting Process) क्यू प्लेसमेंट को परिभाषित करती है: निर्देशक और संगीतकार रफ कट (Rohschnitt) में प्रवेश बिंदुओं को चिह्नित करते हैं, आमतौर पर प्रति 90 मिनट की फिल्म के लिए 25-40 क्यू। आधुनिक टेम्प-ट्रैकिंग (Temp-Tracking) अंतिम कंपोज़िशन के लिए प्लेसहोल्डर के रूप में मौजूदा क्यू का उपयोग करता है।
तुलना और विकल्प
क्यू स्टिंग (Sting) (10 सेकंड से कम के छोटे उच्चारण) और बेड (Bed) (एक निश्चित अंतिम बिंदु के बिना निरंतर पृष्ठभूमि संगीत) से भिन्न होते हैं। बंपर (Bumper) - 2-5 सेकंड लंबे संक्रमण तत्व - दृश्यों के बीच मिनी-क्यू के रूप में कार्य करते हैं।
वीडियो गेम में एडप्टिव म्यूजिक इंजन (Adaptive Music Engines) स्थिर क्यू को एल्गोरिथम-नियंत्रित, अंतहीन विविधताओं से बदलते हैं। स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म टीवी-विशिष्ट 30-90 सेकंड के सेगमेंटेशन के बजाय लंबे क्यू (3-6 मिनट) को पसंद करते हैं, क्योंकि विज्ञापन रुकावटें समाप्त हो जाती हैं।