दृष्टिहीन दर्शकों के लिए विवरणात्मक ट्रैक — संवाद के अंतराल में बजता है। पेशेवर आवाजें, सटीक टाइमिंग, संवाद से कभी मेल न खाए।
संवादों के बीच के विरामों में सटीक दृश्य वर्णन को आवाज़ देना — यही श्रव्य फिल्म (Hörfilm) का मुख्य कार्य है। आप संपादन कक्ष में बैठे हैं, आपके सामने अंतिम कट है, और आपको तय करना है: ध्वनि डिजाइन में कहाँ ऐसे अंतराल हैं जो इतने बड़े हैं कि एक दूसरी आवाज़ को उसमें फिट किया जा सके, बिना उसके संवादों से प्रतिस्पर्धा किए या उन्हें बाधित किए? यह पहली तकनीकी बाधा है। एक नौसिखिया सोचता है कि कहीं भी वर्णन किया जा सकता है। एक पेशेवर जानता है: समय (Timing) ही सब कुछ है।
श्रव्य फिल्म (Hörfilm) के ट्रैक के लिए वक्ता विशेष रूप से प्रशिक्षित होते हैं — तटस्थ आवाज़ का लहजा, स्पष्ट उच्चारण, मध्यम गति। उन्हें व्याख्या नहीं करनी होती, उन्हें भावनात्मक नहीं होना होता, उन्हें फिल्म से प्रतिस्पर्धा नहीं करनी होती। इसके बजाय, वे वही वर्णन करते हैं जो दृश्य रूप से आवश्यक है: कट, स्थान परिवर्तन, हाव-भाव, चेहरे के भाव जो संवाद से स्पष्ट नहीं होते, चित्र संरचना, रंग यदि प्रासंगिक हों, शॉट का आकार। शांत क्षणों के दौरान एक परेशान चेहरे के क्लोज-अप में — आप आँसू, तनाव, दृष्टि की दिशा का वर्णन करते हैं। एक सुनसान स्टेशन के स्थापित शॉट में आप वास्तुकला, दिन का समय, माहौल का वर्णन करते हैं। आपके शब्दों को उस ढांचे में फिट होना चाहिए जो फिल्म आपको देती है।
उत्पादन प्रक्रिया में, आप निर्देशक के साथ, और बाद में एक विशेष ऑडियो-डिस्क्रिप्शन-एडिटर (Audio-Description-Editor) के साथ बैठते हैं — यह भूमिका हर जगह मौजूद नहीं है, लेकिन पेशेवर स्टूडियो में अच्छी तरह से स्थापित है। आप टाइमलाइन में विरामों को चिह्नित करते हैं, आप स्क्रिप्ट लिखते हैं, आप लय का परीक्षण करते हैं। एक 90 मिनट की फिल्म में 1500 से 2500 शब्दों का वर्णन पाठ हो सकता है — इससे अधिक नहीं। हर शब्द का काम करना चाहिए।
तकनीकी रूप से, श्रव्य फिल्म (Hörfilm) को एक अलग ऑडियो ट्रैक के रूप में मिश्रित और बंडल किया जाता है — या तो मास्टरिंग में एक द्वितीयक ट्रैक के रूप में या एक स्वतंत्र संस्करण के रूप में, उपयोग के मार्ग (सिनेमा, स्ट्रीमिंग, टीवी) के आधार पर। सिनेमाई मिक्स में सावधानी बरती जानी चाहिए: वर्णन ट्रैक को सिनेमा के परिवेशी ध्वनि स्तर से प्रतिस्पर्धा नहीं करनी चाहिए, लेकिन स्पष्ट रूप से सुनाई देना चाहिए। कई स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म अब श्रव्य फिल्म (Hörfilm) की पेशकश करते हैं — वहां कार्यान्वयन आसान होता है। आप सुनिश्चित करते हैं कि ट्रैक सिंक्रनाइज़ रहे, कि स्तर सुसंगत हों, कि कोई त्रुटि न हो जाए।
यह कोई कलात्मक खेल नहीं है, बल्कि तकनीकी कर्तव्य के रूप में सुगमता (Barrierefreiheit als handwerkliche Pflicht) है — और साथ ही गुणवत्ता की परीक्षा भी: यदि आप किसी फिल्म का इतना संक्षिप्त वर्णन कर सकते हैं कि एक दृष्टिबाधित दर्शक पूरी कहानी को समझ सके, तो आपने समझ लिया है कि दृश्य रूप से क्या महत्वपूर्ण है। यह एक कटर और ध्वनि डिजाइनर के रूप में आपकी दृष्टि को तेज करता है।
संबंधित शब्द
क्विज़
1. Was beschreibt „Hörfilm" am besten?
2. Zu welchem Department gehört „Hörfilm"?