3D ज्यामिति में एकल बिंदु — कई vertices मिलकर polygons और mesh बनाते हैं। हर विकृति और एनिमेशन vertex स्तर पर काम करता है।
3D स्पेस में, आप सबसे निचली ज्यामितीय परत पर काम करते हैं — यहीं पर वर्टेक्स (vertex) स्थित होता है। त्रि-आयामी स्थान में एक एकल बिंदु, जिसे X, Y और Z निर्देशांकों द्वारा परिभाषित किया जाता है। कई वर्टेक्स किनारों (edges) से जुड़ते हैं, जो बदले में बहुभुज (polygons) बनाते हैं। इन हजारों या लाखों बिंदुओं से मेश (mesh) बनता है — वह डिजिटल ज्यामिति जिसके साथ VFX सुपरवाइजर और 3D कलाकार काम करते हैं।
सेट पर या संपादन (editing) में, आप इसे कैरेक्टर एनिमेशन (character animation) और विरूपण (deformation) में सबसे सीधे तौर पर देखते हैं। एक रिग्ड कैरेक्टर — जैसे एक डिजिटल मानव या प्राणी — एक कंकाल (bones) और उसके ऊपर एक मेश से बना होता है। मेश का प्रत्येक वर्टेक्स एक या एक से अधिक हड्डियों से जुड़ा होता है (weight painting)। जब एक हड्डी हिलती है, तो वर्टेक्स उसका अनुसरण करते हैं — उनकी स्थिति 3D स्पेस में बदल जाती है। इसे स्किनिंग (skinning) कहा जाता है। गलत भारित वर्टेक्स (weighted vertices) पेनेट्रेशन (mesh अन्य वस्तुओं से गुजरता है) या ऐसी सिलवटों और विरूपणों का कारण बनते हैं जो अप्राकृतिक लगते हैं।
मॉडलिंग (modelling) में भी आप वर्टेक्स-आधारित काम करते हैं। उदाहरण के लिए, रेटोपोलॉजी (retopology) — एक उच्च-रिज़ॉल्यूशन स्कल्प्ट (sculpt) के ऊपर ज्यामिति को फिर से बनाना — अंततः वर्टेक्स प्लेसमेंट है। प्रत्येक बिंदु को हाथ से या स्वचालित उपकरणों द्वारा रखा जाता है। फिर संपादन में: वर्टेक्स एनिमेशन। एक बैनर जिसे फहराना है, उसे आधार में कम वर्टेक्स मिलते हैं, लेकिन बाहरी किनारे पर बहुत अधिक — जहाँ गति और विवरण की आवश्यकता होती है। एक समुद्र सिमुलेशन (sea simulation) भी इसी तरह चलता है। लाखों वर्टेक्स, एक सिम्युलेटर द्वारा हेरफेर किए जाते हैं, ताकि लहरें बन सकें।
वर्कफ़्लो (workflow) के लिए महत्वपूर्ण: वर्टेक्स-काउंट (vertex-count) का प्रदर्शन (performance) और रेंडर समय (render time) पर सीधा प्रभाव पड़ता है। एक अल्ट्रा-हाईपॉली मेश (ultra-highpoly mesh) सिमुलेशन और रेंडरिंग को धीमा कर सकता है। इसलिए पदानुक्रम (hierarchy) — हीरो एसेट्स (hero assets) (प्रमुख वस्तुएं, कैमरे के करीब) को बहुत सारे वर्टेक्स मिलते हैं, पृष्ठभूमि ज्यामिति (background geometry) को आक्रामक रूप से कम किया जाता है। निर्यात (export) और बाधाओं (constraints) पर भी: यदि आप रिग्ड मॉडल को बताना चाहते हैं कि एक हाथ का वर्टेक्स एक निश्चित स्थिति में रहना चाहिए, तो आप उसे पिन (pin) करते हैं — और सॉल्वर (solver) उसका सम्मान करता है।
विरूपण (deformation) समस्याओं में डिबगिंग (debugging) अक्सर वर्टेक्स निरीक्षण (vertex inspection) के माध्यम से की जाती है। डीसीसी टूल (DCC tool) (माया, ब्लेंडर, हुडिनी) में, आप व्यक्तिगत वर्टेक्स का चयन करते हैं, उनके वेट्स (weights), उनके एनिमेशन कीज़ (animation keys), उनकी बाधाओं (constraints) की जांच करते हैं। क्या टोपोलॉजी (topology) सही है? क्या नॉर्मल्स (normals) सुसंगत हैं? आप इन सवालों का जवाब वर्टेक्स स्तर पर देते हैं।
संबंधित शब्द
क्विज़
1. Zu welchem Department gehört „Vertex"?