तकनीकी विवरण
क्लासिक टेसर 50 (Tessar 50) आमतौर पर f/2.8 से f/3.5 के अधिकतम एपर्चर तक पहुंचता है, जिसकी न्यूनतम फोकस दूरी 45-60 सेमी होती है। इसका फील्ड ऑफ व्यू लगभग 46° विकर्ण होता है, जो मानव आंख के प्राकृतिक दृश्य क्षेत्र के बराबर है। क्रोमेटिक एबेरेशन (chromatic aberrations) को ठीक करने के लिए इसमें तीन सीमेंटेड सतहों का उपयोग किया गया है। लेंस का वजन माउंट के आधार पर 150-300 ग्राम के बीच होता है और यह f/5.6 से f/8 के एपर्चर पर अपनी इष्टतम शार्पनेस (sharpness) प्रदान करता है। हैसलब्लैड सिस्टम (Hasselblad systems) के लिए ज़ीस टेसर टी* 50mm f/2.8 (Zeiss Tessar T* 50mm f/2.8) जैसे आधुनिक संस्करण मल्टी-लेयर कोटिंग (multi-layer coating) और बेहतर फ्लोट लाइट सप्रेशन (stray light suppression) प्रदान करते हैं।
इतिहास और विकास
पॉल रुडोल्फ (Paul Rudolph) ने 1902 में कार्ल ज़ीस (Carl Zeiss) में यूनार लेंस (Unar lens) के विकास के रूप में टेसर का आविष्कार किया था। 1913 से, ज़ीस ने इस डिज़ाइन का लाखों की संख्या में उत्पादन किया, जिससे इसे "ऑप्टिक्स का चील" (Adler der Optik) उपनाम मिला। 50 मिमी संस्करण 1920 के दशक में 35 मिमी कैमरों के लिए मानक बन गया। लाइका (Leica), कॉन्टैक्स (Contax) और बाद में पेंटाकॉन (Pentacon) ने भी किट लेंस (kit lenses) के रूप में टेसर डिज़ाइन का उपयोग किया। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, उत्पादन कार्ल ज़ीस वेस्ट (Oberkochen) और ज़ीस जेना (Zeiss Jena) के बीच विभाजित हो गया, जिसमें बाद वाले ने जीडीआर युग (GDR era) तक इस पदनाम को जारी रखा।
फिल्म में व्यावहारिक उपयोग
सिनेमैटोग्राफर (Cinematographers) दस्तावेजी कार्यों और प्राकृतिक चित्र शैलियों के लिए टेसर 50 की सराहना करते हैं। इसकी कम विकृति (distortion) और तटस्थ रंग पुनरुत्पादन (color reproduction) रिपोर्टेज शैली (reportage style) और हैंडहेल्ड शॉट्स (handheld shots) के लिए उपयुक्त हैं। 16 मिमी (16mm) निर्माण में, 50 मिमी फोकल लंबाई (focal length) एक हल्की टेलीफोटो सेटिंग (telephoto setting) के अनुरूप होती है, जो बिना किसी विकृति के चेहरों को कैप्चर करती है। कॉम्पैक्ट डिज़ाइन तंग जगहों पर सूक्ष्म फिल्म निर्माण को सक्षम बनाता है। हालांकि, इसकी मध्यम प्रकाश शक्ति (light gathering ability) कम रोशनी की स्थिति में इसके उपयोग को सीमित करती है, और निश्चित फोकल लंबाई के लिए अक्सर कैमरा स्थिति बदलने की आवश्यकता होती है।
तुलना और विकल्प
आधुनिक प्लानर (Planar) या सोनार (Sonnar) डिजाइनों की तुलना में, टेसर खुले एपर्चर पर कम कंट्रास्ट (contrast) और अधिक स्पष्ट बोकेह (bokeh) दिखाता है। ज़ीस प्लानर 50mm f/1.4 (Zeiss Planar 50mm f/1.4) उच्च प्रकाश शक्ति प्रदान करता है, जबकि सोनार 50mm f/1.5 (Sonnar 50mm f/1.5) नरम संक्रमण (softer transitions) प्रदान करता है। फिल्म निर्माण के लिए, 24-70mm जैसे ज़ूम लेंस (zoom lenses) ने टेसर 50 को काफी हद तक प्रतिस्थापित कर दिया है, क्योंकि वे अधिक लचीली छवि रचना (image composition) की अनुमति देते हैं। हालांकि, विंटेज टेसर लेंस (vintage Tessar lenses) उन सिनेमैटोग्राफरों के बीच पुनरुत्थान का अनुभव कर रहे हैं जो कोमल शार्पनेस (gentle sharpness) और संयमित रंग संतृप्ति (restrained color saturation) के साथ विशिष्ट "फिल्म लुक" (film look) की तलाश में हैं।