तकनीकी विवरण
मानक स्विंग-अवे कंपेंडियम में 15 मिमी फ्रेम गाइड और 180-220 मिमी की ऊँचाई के साथ दो से चार 4x4" या 4x5.65" फिल्टर स्लॉट होते हैं। स्विंग मैकेनिज्म 12-15 Nm की स्प्रिंग फोर्स के साथ काम करता है और 90° स्थिति में स्वचालित रूप से लॉक हो जाता है। कनेक्शन 15 मिमी या 19 मिमी सपोर्ट रॉड्स के माध्यम से 60-104 मिमी की समायोज्य दूरी के साथ किया जाता है। ARRI LMB-25 या Tilta Mirage जैसे उच्च-गुणवत्ता वाले मॉडल अतिरिक्त रूप से समायोज्य साइड फ्लैग (फ्रेंच फ्लैग) और 77-114 मिमी व्यास के चर लेंस कनेक्शन के लिए एक एकीकृत डोनट रिंग प्रदान करते हैं।
वेरिएंट मुख्य रूप से फिल्टर की संख्या (2-स्टेज, 3-स्टेज, 4-स्टेज) और कनेक्शन सिस्टम (क्लैंप-ऑन बनाम सपोर्ट रॉड माउंटिंग) में भिन्न होते हैं। कार्बन से बने हल्के संस्करणों का वजन 800-1200 ग्राम होता है, जबकि मजबूत एल्यूमीनियम संस्करण 1500-2200 ग्राम तक पहुंचते हैं।
इतिहास और विकास
पहला स्विंग-अवे मैट बॉक्स 1975 में Panavision द्वारा अपने PSR कैमरों के लिए विकसित किया गया था, ताकि बार-बार लेंस बदलने में समय बचाया जा सके। Arriflex ने 1983 में LMB-15 के साथ पहला सार्वभौमिक प्रणाली पेश की, जिसे कैमरा-स्वतंत्र रूप से इस्तेमाल किया जा सकता था। 1991 में Chrosziel Compendium 450 के साथ सफलता मिली, जिसने पहली बार 2-सेकंड का स्विंग टाइम हासिल किया।
आधुनिक विकास क्विक-रिलीज़ मैकेनिज्म और मॉड्यूलर विस्तार पर केंद्रित हैं। 2018 के बाद से, Wooden Camera जैसे निर्माताओं ने एकीकृत वायरलेस फॉलो-फोकस ब्रैकेट और चुंबकीय फिल्टर चेंज सिस्टम की पेशकश की है।
फिल्मों में व्यावहारिक उपयोग
"मैड मैक्स: फ्यूरी रोड" (2015) जैसी एक्शन फिल्मों में, स्विंग-अवे सिस्टम ने सिनेमैटोग्राफर जॉन सील को फिल्टर के नुकसान के बिना टेक्स के बीच तेजी से लेंस बदलने की अनुमति दी। वृत्तचित्र फिल्म निर्माता अचानक प्रकाश परिवर्तन में लचीलेपन की सराहना करते हैं - एक ND-0.9 फिल्टर स्थापित रहता है, जबकि लेंस बदला जाता है।
विशिष्ट वर्कफ़्लो: कैमरा असिस्टेंट लॉकिंग को ढीला करता है, कंपेंडियम को दूर घुमाता है, लेंस बदलता है, वापस घुमाता है और लॉक करता है। कुल समय: पारंपरिक प्रणालियों के 45-60 सेकंड के बजाय 15-20 सेकंड। नुकसान यह है कि हैंडहेल्ड काम में अतिरिक्त वजन और यांत्रिक जटिलता होती है।
तुलना और विकल्प
फिक्स्ड मैट बॉक्स की तुलना में, स्विंग-अवे सिस्टम 60-70% समय बचाता है, लेकिन 30-50% अधिक महंगा होता है। सीधे लेंस पर क्लैंप-ऑन फिल्टर हल्के होते हैं, लेकिन कम धूप से सुरक्षा प्रदान करते हैं और फ्लैग की कोई संभावना नहीं होती है।
आधुनिक विकल्पों में PolarPro BaseCase या ARRI के सिग्नेचर प्राइम-एकीकृत फिल्टर जैसे चुंबकीय त्वरित-परिवर्तन प्रणाली शामिल हैं। ये स्विंग-अवे सिद्धांत की गति को क्लैंप-ऑन समाधानों के कम वजन के साथ जोड़ते हैं, लेकिन शास्त्रीय कंपेंडियम की स्थिरता और प्रकाश सुरक्षा तक नहीं पहुंचते हैं।