स्ट्रेलाइट (Streulicht)
परिभाषा
स्ट्रेलाइट (Streulicht) प्रकाश स्रोत से अनचाही या अनियंत्रित रूप से निकलने वाली रोशनी को कहते हैं, जो वांछित प्रकाश क्षेत्र के बाहर फैल जाती है। स्ट्रे एंगल (Streuwinkel) को आमतौर पर डिग्री में मापा जाता है – उदाहरण के लिए, 2K फ्रेस्नेल (Fresnel) लाइट में मुख्य किरण 12-60° होती है, जबकि स्ट्रेलाइट 180° तक विचलित हो सकती है। यह शब्द 1920 के दशक में पेशेवर स्टूडियो लाइटिंग की शुरुआत के साथ ही स्थापित हो गया था।
तकनीकी विवरण
स्ट्रेलाइट (Streulicht) हाउसिंग (Gehäuseteile) से परावर्तन, प्रकाश स्रोत की अपूर्ण शील्डिंग (Abschirmung) या हवा में मौजूद कणों से होने वाले प्रकीर्णन (Streuung) के कारण उत्पन्न होती है। HMI लाइट्स, अपने बिंदु-जैसे प्रकाश स्रोत के कारण, डिफ्यूज (diffuse) इमिटिंग कैरेक्टरिस्टिक्स (Abstrahlcharakteristik) वाले LED पैनल्स की तुलना में काफी अधिक स्ट्रेलाइट उत्पन्न करती हैं। स्ट्रेलाइट मान को लक्स (Lux) में मापा जाता है – जहाँ मुख्य प्रकाश उदाहरण के लिए 10,000 लक्स तक पहुँचता है, वहीं स्ट्रेलाइट आमतौर पर 50-500 लक्स होती है। बार्न डोर्स (Barn Doors) स्ट्रेलाइट को 60-80% तक कम करते हैं, स्नूट्स (Snoots) 95% तक, जबकि LED पैनल्स पर एगक्रेट्स (Eggcrates) 70% की कमी लाते हैं।
इतिहास और विकास
1915 के आसपास पहली आर्क लैंप (Bogenlampen) स्टूडियो के साथ ही अनियंत्रित प्रकाश की समस्या को पहचाना गया था। 1927 में मोल-रिचर्डसन (Mole-Richardson) ने फ्रेस्नेल (Fresnel) लाइट्स के लिए पहले बार्न डोर्स (Barn Doors) विकसित किए। "स्पिल" (Spill) शब्द 1930 के दशक के हॉलीवुड में स्थापित हुआ। 2010 के बाद से आधुनिक LED तकनीक पिक्सेल मैपिंग (Pixelmapping) और व्यक्तिगत LED चिप्स की इलेक्ट्रॉनिक डिमिंग (Dimmung) के माध्यम से अधिक सटीक प्रकाश नियंत्रण को सक्षम बनाती है।
फिल्मों में व्यावहारिक उपयोग
"ब्लेड रनर 2049" (Blade Runner 2049) में रोजर डीकिंस (Roger Deakins) ने वायुमंडलीय स्पेस ड्राइंग (Raumzeichnung) के लिए नियॉन लाइटिंग (Neonbeleuchtung) के नियंत्रित स्ट्रेलाइट का उपयोग किया। इंटरव्यू (Interviews) में, पृष्ठभूमि से स्ट्रेलाइट को दूर रखने और विषय को अलग दिखाने के लिए बार्न डोर्स (Barn Doors) का उपयोग किया जाता है। इसके विपरीत, अनचाहा स्ट्रेलाइट फ्लैट कंट्रास्ट (flache Kontraste) का कारण बनता है और प्रकाश व्यवस्था की प्लास्टिसिटी (Plastizität) को नष्ट कर देता है – 2% स्ट्रेलाइट मान भी ब्लैक लेवल (Schwarzwert) को आधा स्टॉप (Blende) तक बढ़ा सकता है।
तुलना और विकल्प
स्ट्रेलाइट (Streulicht) डिफ्यूज लाइट (diffuses Licht) से इस मायने में भिन्न है कि यह अनचाही और अनियंत्रित रूप से होती है। जहाँ बाउंस लाइट (Bounce Light) का उपयोग जानबूझकर सॉफ्ट लाइटिंग (weiche Ausleuchtung) के लिए किया जाता है, वहीं स्ट्रेलाइट आमतौर पर परेशान करने वाली होती है। आधुनिक अपर्चर (Aputure) LED लाइट्स 20°, 30° या 45° के ओपनिंग एंगल (Öffnungswinkel) के साथ हनीकॉम्ब ग्रिड्स (Wabenfilter) का उपयोग करती हैं। ब्लैक मोल्टन (schwarzem Molton) से बने सिनेफ्लेक्स (CineFlex) पर्दे 99% स्ट्रेलाइट को अवशोषित करते हैं और भारी फ्लैग (Flag) निर्माणों की जगह ले रहे हैं।