तकनीकी विवरण
पेशेवर ध्वनि प्रभाव (Toneffekte) 48 kHz नमूना दर और 24-बिट रिज़ॉल्यूशन पर रिकॉर्ड और संसाधित किए जाते हैं। फोलि स्टूडियो (Foley-Studios) 0.3 सेकंड से कम प्रतिध्वनि समय (Nachhallzeiten) और विभिन्न फर्श कवरिंग (लकड़ी, बजरी, धातु, बर्फ की नकल) के साथ ध्वनि-रोधक कमरों का उपयोग करते हैं। डिजिटल साउंड लाइब्रेरी में असम्पीडित WAV या AIFF प्रारूपों में 500,000 तक व्यक्तिगत नमूने होते हैं। लेयरिंग तकनीकों (Layering-Techniken) का उपयोग करके 3-15 विभिन्न व्यक्तिगत ध्वनियों को जटिल ध्वनि डिज़ाइनों के लिए जोड़ा जाता है, उदाहरण के लिए विस्फोटों या वाहन की आवाज़ के लिए।
इतिहास और विकास
1927 में जैक फोलि (Jack Foley) ने यूनिवर्सल स्टूडियो (Universal Studios) में व्यवस्थित पोस्ट-सिंक्रोनाइज़ेशन (systematische Nachvertonung) पेश किया, जब पहली टॉकी फिल्म "द जैज़ सिंगर" (The Jazz Singer) में सिंक्रोनाइज़ेशन समस्याएं थीं। वार्नर ब्रदर्स (Warner Bros.) ने 1930 में 200 से अधिक विभिन्न प्रभावों वाली पहली यांत्रिक ध्वनि मशीनों का विकास किया। क्रांति 1975 में बेन बर्ट (Ben Burtt) के "स्टार वार्स" (Star Wars) के लिए ध्वनि डिजाइन के साथ आई - उन्होंने फिल्म प्रोजेक्टर की भिनभिनाहट और टेलीविजन ट्यूब हस्तक्षेप के संयोजन से लाइटसेबर ध्वनि बनाई। Pro Tools ने 1991 से डिजिटल रीयल-टाइम प्रोसेसिंग (digitale Echtzeitbearbeitung) को सक्षम किया और पोस्ट-प्रोडक्शन समय को 60% कम कर दिया।
फिल्म में व्यावहारिक उपयोग
गैरी राइडस्ट्रॉम (Gary Rydstrom) ने "जुरासिक पार्क" (Jurassic Park) (1993) के लिए टी-रेक्स की दहाड़ के लिए हाथी की तुरही को 50% धीमा करके इस्तेमाल किया। "मैड मैक्स: फ्यूरी रोड" (Mad Max: Fury Road) ने 67 विभिन्न वाहन इंजनों को सिंथेटिक तत्वों के साथ जोड़ा। मानक वर्कफ़्लो को हार्ड इफेक्ट्स (Hard Effects) (दृश्य क्रियाओं के लिए सिंक-साउंड), बैकग्राउंड्स (Backgrounds) (वायुमंडल) और डिज़ाइन इफेक्ट्स (Design Effects) (रचनात्मक ध्वनियाँ) में विभाजित किया गया है। एक 90 मिनट की फिल्म में औसतन 8-16 अलग-अलग ऑडियो ट्रैक पर 2,000-3,000 व्यक्तिगत ध्वनि प्रभाव (Toneffekte) होते हैं।
तुलना और विकल्प
ध्वनि प्रभाव (Toneffekte) ओ-टोन (O-Ton) (मूल ध्वनि) से बाद में निर्माण द्वारा और फिल्म संगीत से कार्यात्मक के बजाय भावनात्मक संरेखण द्वारा भिन्न होते हैं। फोलि कार्य (Foley-Arbeit) यथार्थवादी रोजमर्रा की आवाज़ें उत्पन्न करता है, जबकि ध्वनि डिजाइन (Sound Design) शानदार या असंभव ध्वनियाँ बनाता है। आधुनिक समय में, AudioGen जैसे AI-आधारित उपकरण तेजी से सैंपलिंग (Sampling) की जगह ले रहे हैं, लेकिन वे जटिल फोलि प्रदर्शनों को पूरी तरह से प्रतिस्थापित नहीं कर सकते हैं। वर्चुअल रियलिटी (Virtual Reality) 2 या 3 क्रम के Ambisonic रिकॉर्डिंग तकनीकों के साथ 360° स्थानिक ऑडियो (360°-Spatial Audio) की मांग करता है।