तकनीकी विवरण
डिजीकॉन श्रृंखला में 25 मिमी से 180 मिमी तक के फिक्स्ड फोकल लेंथ शामिल हैं, जिनमें मानक फोकल लेंथ पर लगातार T1.4 की एपर्चर वैल्यू है। लेंस में 15-ब्लेड वाले आईरिस हैं जो एक समान बोकेह (bokeh) विशेषता प्रदान करते हैं और मानक के रूप में PL-माउंट के साथ आते हैं। अधिकांश फोकल लेंथ के लिए क्लोज-फोकस 0.6 मीटर है, और मैटबॉक्स (mattebox) संगतता के लिए फ्रंट व्यास समान रूप से 114 मिमी है। फोकस और आईरिस गियर 0.8 मिमी पिच मानक का पालन करते हैं, जिसमें 270° फोकस रोटेशन होता है। वजन 2.1 किलोग्राम (25 मिमी) से 4.8 किलोग्राम (180 मिमी) तक होता है।
उपलब्ध फोकल लेंथ: 25 मिमी, 35 मिमी, 50 मिमी, 75 मिमी, 100 मिमी T1.4, साथ ही 135 मिमी और 180 मिमी T2.1। 35 मिमी, 50 मिमी और 75 मिमी के लिए T1.2 की सुपर-स्पीड (super-speed) वेरिएंट भी मौजूद है।
इतिहास और विकास
स्नाइडर (Schneider) ने 2009 में डिजिटल सिनेमैटोग्राफी (cinematography) में संक्रमण के जवाब में डिजीकॉन श्रृंखला पेश की। फिल्म के लिए अनुकूलित सिने-ज़ेनॉन (Cine-Xenon) लेंसों के विपरीत, डिजीकॉन डिज़ाइन डिजिटल सेंसर की विशिष्ट आवश्यकताओं को ध्यान में रखता है, विशेष रूप से विग्नेटिंग (vignetting) से बचने के लिए टेलीसेंट्रिक (telecentric) बीम पाथ (beam path)। 2012 में सुपर-स्पीड लाइन आई, और 2015 में नैनो-क्रिस्टल कोटिंग (Nano-Kristall-Vergütung) के माध्यम से बेहतर फ्लेयर (flare) नियंत्रण के साथ एक संशोधित संस्करण पेश किया गया।
फिल्मों में व्यावहारिक उपयोग
डिजीकॉन लेंसों का उपयोग "द ग्रैंड बुडापेस्ट होटल" (2014) और कई जर्मन "टैटोर्ट" (Tatort) एपिसोड जैसे प्रोडक्शन में किया गया है। सिनेमैटोग्राफर (cinematographer) सभी फोकल लेंथ पर समान इमेजिंग प्रदर्शन और गिम्बल (gimbal) काम के दौरान सटीक मैकेनिक्स की सराहना करते हैं। वर्कफ़्लो (workflow) को समान फ्रंट व्यास और लगातार रंग व्यवहार से लाभ होता है। इसकी विशेषता तटस्थ, कम स्टाइलिज्ड (stylized) रेंडरिंग है - जो गर्म सिने-ज़ेनॉन या उच्च-कंट्रास्ट ज़ीस मास्टर प्राइम (Zeiss Master Primes) के विपरीत है।
तुलना और विकल्प
ज़ीस मास्टर प्राइम की तुलना में, डिजीकॉन थोड़े कम शार्पनेस (sharpness) के साथ नरम स्किन टोन (skin tones) प्रदान करते हैं। कुक S4/i (Cooke S4/i) की तुलना में, इसमें विशिष्ट "कुक-लुक" (Cooke-Look) सॉफ्टनिंग (softening) की कमी है। आधुनिक विकल्पों के रूप में, स्नाइडर ज़ेनॉन एफएफ प्राइम (Schneider Xenon FF Primes) (2018) को फुल-फ्रेम (full-frame) सेंसर के लिए बड़े इमेज सर्कल और बेहतर ऑप्टिकल प्रदर्शन के साथ पेश किया गया है। बजट प्रोडक्शन के लिए, मजबूत सिने-ज़ेनॉन प्रासंगिक बने हुए हैं, जबकि हाई-एंड प्रोडक्शन अब ज़ेनॉन एफएफ या एआरआरआई सिग्नेचर प्राइम (ARRI Signature Primes) जैसे प्रतिस्पर्धी उत्पादों की ओर रुख करते हैं।