फोटो या विंटेज लेंस को मानकीकृत गियर रिंग, फ्रंट व्यास और फोकस थ्रो के साथ सिनेमा हाउसिंग में परिवर्तन।
लेंस रीहाउसिंग में, एक लेंस की ऑप्टिक्स — अक्सर एक विंटेज ग्लास या विशेष चरित्र वाला एक फोटो-लेंस — को एक नए, सिनेमा-अनुकूल हाउसिंग में स्थानांतरित किया जाता है। परिणाम: ऑप्टिकल लुक बना रहता है, लेकिन लेंस को फॉलो-फोकस के लिए मानकीकृत गियर रिंग, मैटबॉक्स और फिल्टर के लिए एक समान फ्रंट व्यास, और सटीक काम के लिए एक लंबा फोकस पथ मिलता है।
रीहाउसिंग क्यों?
विंटेज लेंस में अक्सर अद्वितीय ऑप्टिकल चरित्र होता है — शार्पनेस फॉल-ऑफ, बोकेह, फ्लेयर व्यवहार — जिसे आधुनिक सिनेमा लेंस दोहरा नहीं सकते। लेकिन उनके मूल हाउसिंग फोटो काम के लिए बने होते हैं: छोटा फोकस पथ, कोई गियर रिंग नहीं, अलग-अलग फ्रंट व्यास। सेट पर यह 1st AC के लिए एक दुःस्वप्न है। रीहाउसिंग इस समस्या को हल करता है।
प्रक्रिया
ओल्ड फास्ट ग्लास, आयरनग्लास या जीएल ऑप्टिक्स जैसी विशेष कंपनियाँ मूल को अलग करती हैं, ऑप्टिक्स को मापती हैं और एक नया हाउसिंग बनाती हैं — अक्सर एल्यूमीनियम से सीएनसी-मशीन किया हुआ। महत्वपूर्ण: ऑप्टिकल अक्ष को ठीक से बनाए रखा जाना चाहिए। एक मिलीमीटर का विचलन छवि गुणवत्ता को बर्बाद कर देगा।
व्यावहारिक सुझाव
- बजट: रीहाउसिंग में आम तौर पर प्रति लेंस 800-3,000€ का खर्च आता है — एक नए सिनेमा सेट से सस्ता, लेकिन सस्ता नहीं।
- हर लेंस इसके लायक नहीं है: ऑप्टिकल चरित्र इतना अनूठा होना चाहिए कि प्रयास इसके लायक हो।
- हमेशा रीहॉसर से संदर्भ फुटेज के लिए पूछें — प्रतिष्ठित कंपनियाँ पहले/बाद की तस्वीरें दिखाती हैं।
संबंधित शब्द
क्विज़
1. Zu welchem Department gehört „Lens Rehousing"?