तकनीकी विवरण
सिनेमाई लेंस में आमतौर पर 9-15 आईरिस ब्लेड होते हैं जो कठोर स्टील या एल्यूमीनियम से बने होते हैं, जिनकी मोटाई 0.1 मिमी होती है, जिससे लगभग गोलाकार बोकेह (bokeh) गुणवत्ता मिलती है। एपर्चर (aperture) का समायोजन 0.5-डिग्री सटीकता वाले थ्रेड्स या 1/3-स्टॉप सटीकता वाले सर्वो मोटर्स द्वारा किया जाता है। उच्च-गुणवत्ता वाले सिने लेंस समान फोकल लंबाई (focal length) के बीच ±0.05 f-स्टॉप की पुनरुत्पादकता (reproducibility) प्राप्त करते हैं। ब्लेड कोटिंग आंतरिक प्रतिबिंबों को रोकती है, जबकि एपर्चर का आकार बंद एपर्चर पर विशिष्ट बोकेह और विवर्तन (diffraction) विशेषताओं को निर्धारित करता है।
इतिहास और विकास
जूलियस न्यूब्रोनर ने 1902 में फोटोग्राफिक उद्देश्यों के लिए पहला सटीक आईरिस डायाफ्राम (iris diaphragm) पेटेंट कराया। कार्ल ज़ीस ने 1925 में फिल्म कैमरों के लिए पहला पूरी तरह से स्वचालित स्प्रिंग डायाफ्राम विकसित किया। मिशेल कैमरा कॉर्पोरेशन ने 1935 में स्टूडियो कैमरों के लिए दूर से नियंत्रित आईरिस समायोजन पेश किया। 2007 के बाद से डिजिटल सिनेमा कैमरे प्रोग्राम योग्य वक्रों (curves) और कैमरा गतियों के साथ फ्रेम-सटीक सिंक्रनाइज़ेशन के साथ इलेक्ट्रॉनिक एपर्चर रैंप (aperture ramps) को सक्षम करते हैं।
फिल्म में व्यावहारिक उपयोग
हिचकॉक ने "वर्टिगो" (1958) में डॉली-ज़ूम (dolly-zoom) शॉट्स के दौरान फोकल लंबाई बदलने पर भी निरंतर एक्सपोज़र (exposure) के लिए आईरिस समायोजन का उपयोग किया। कुब्रिक ने "बैरी लिंडन" (1975) में मोमबत्ती की रोशनी वाले दृश्यों के लिए f/0.7 पर संशोधित ज़ीस लेंस के साथ काम किया। आधुनिक वर्कफ़्लो (workflows) में वायरलेस हैंड-यूनिट्स (hand-units) या प्रोग्राम किए गए लेंस-कंट्रोल सिस्टम (lens-control systems) के माध्यम से आईरिस नियंत्रण के साथ मोटर चालित फॉलो-फोकस सिस्टम (follow-focus systems) का उपयोग किया जाता है, जो एक साथ एक्सपोज़र समायोजन के साथ जटिल कैमरा चालों के लिए होता है।
तुलना और विकल्प
आईरिस, ND फिल्टर से इस मायने में भिन्न है कि यह रंग शिफ्ट (color shift) के बिना निरंतर उपलब्धता प्रदान करता है, लेकिन यह डेप्थ ऑफ़ फील्ड (depth of field) को प्रभावित करता है। वेरिएबल ND फिल्टर डेप्थ ऑफ़ फील्ड में बदलाव के बिना प्रकाश को कम करते हैं, लेकिन रंगीन धब्बे (color casts) और ध्रुवीकरण प्रभाव (polarization effects) दिखाते हैं। ब्रॉडकास्ट लेंस (broadcast lenses) में इलेक्ट्रॉनिक आईरिस सिस्टम प्रकाश भिन्नताओं पर 40ms के भीतर प्रतिक्रिया करते हैं, जबकि यांत्रिक आईरिस कथात्मक फिल्म निर्माण के लिए अधिक सटीक मैनुअल नियंत्रण प्रदान करता है। फुल-फ्रेम (full-frame) सेंसर को f/1.4-f/2.8 पर Super35mm के तुलनीय डेप्थ ऑफ़ फील्ड के लिए बंद एपर्चर (f/2.8-f/5.6) की आवश्यकता होती है।