किसी चरित्र के दृष्टिकोण से वॉयस-ओवर — आंतरिक विचार या एकालाप। आत्मीयता बनाता है पर ज्यादा इस्तेमाल से भारी लग सकता है।
आंतरिक संवाद (Internal Dialogue) — किसी पात्र के विचारों को श्रव्य बनाना — संपादन (schnitt) के सबसे कपटी उपकरणों में से एक है। आप संपादन कक्ष (Edit Suite) में बैठते हैं और तुरंत खुद से पूछते हैं: क्या दृश्य को इसकी वास्तव में आवश्यकता है, या हम इसके पीछे खराब पटकथा (Drehbuch) छिपा रहे हैं? ID तब काम करती है जब वह कुछ ऐसा प्रकट करती है जिसे दृश्य रूप से दिखाना संभव नहीं है — आंतरिक विरोधाभास, झूठ, गहराइयाँ। यह तुरंत विफल हो जाती है जैसे ही यह वह बताती है जो वैसे भी दिखाई दे रहा है।
तकनीकी रूप से यह इस तरह काम करता है: आप प्रदर्शन (Performance) को संपादित करते हैं, फिर वॉयस-ओवर (Voice-Over) को बंद या विचारशील क्षणों पर रखते हैं और सुनिश्चित करते हैं कि होंठों का सिंक्रनाइज़ेशन (Lippensynchronisation) आँखों में न खटके। अभिनेता को अक्सर बाद में अपने विचार बोलने पड़ते हैं — यह महत्वपूर्ण है कि भावनात्मक स्वर (emotionale Tonalität) दृश्य क्रिया (Bildhandlung) से मेल खाता हो, न कि केवल बोले गए पाठ (Sprechsprechtext) जैसा लगे। एक सामान्य गलती: बहुत अधिक बताना। एक अच्छी ID तीन वाक्यों में बताती है कि पात्र वास्तव में क्या सोच रहा है, जबकि वह कुछ और कर रहा है या कह रहा है। गुडफेलास (Scorsese) में हेनरी की ID इसलिए काम करती है क्योंकि यह व्याख्यात्मक नहीं है — यह सामान्य है, कभी-कभी मजाकिया है, हमेशा गति में है, ठीक वैसे ही जैसे पात्र स्वयं है।
जहां यह समस्याग्रस्त हो जाता है: इंडी-प्रोडक्शन (Indie-Produktionen) दृश्य कथा (visuellen Erzählung) की कमी की भरपाई के लिए ID का सहारा लेते हैं। आप इसे तुरंत रफ कट (Rohschnitt) में महसूस करते हैं — ध्वनि (Ton) पूरा बोझ उठाती है। बेहतर ब्लॉकिंग (Blocking), दृश्य में बेहतर प्रतिक्रियाओं (Reaktionen im Bild) से इससे बचा जा सकता है। साथ ही: ID सतही-भावनात्मक ("मैं बहुत दुखी हूँ") नहीं होनी चाहिए। यह खराब लिखी गई पटकथा है जिसे संपादन (Schnitt) नहीं बचा सकता।
संपादन (Schnitt) में व्यावहारिक रूप से: ID आमतौर पर दृश्य संपादन संक्रमणों (visuellen Schnittübergängen) पर या शांत क्षणों (stiller Momente) के दौरान बैठती है। आपको लय (Rhythmus) को नियंत्रित करना होगा — विचारों के ब्लॉक के बीच बहुत लंबे विराम सुस्त लगते हैं, बहुत जल्दी यह जल्दबाजी जैसा लगता है। मिश्रण (Mix) महत्वपूर्ण है: ID उपस्थित होनी चाहिए, लेकिन वॉयस-ओवर फिल्म (Voice-Over-Film) की तरह नहीं लगनी चाहिए। साँस लेना, जगह देना, जहाँ संभव हो, दृश्यों को बोलने देना। और: प्रति फिल्म एक बार एक कलात्मक चरित्र (Kunstfigur) है, तीन बार से अधिक यह एक नाटकीय बैसाखी (dramaturgischen Krücke) बन जाती है।
संबंधित शब्द
क्विज़
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