तकनीकी विवरण
मानक ग्रिड क्लैंप, डिज़ाइन के आधार पर, 30-75 किग्रा तक का भार वहन करते हैं। क्लैंपिंग रेंज 25 मिमी (1 इंच) से 50 मिमी (2 इंच) तक के पाइप व्यास को कवर करती है। क्लैंपिंग जॉज़ कठोर स्टील से बने होते हैं जिनमें रिब्ड सतह या नॉन-स्लिप ग्रिप के लिए रबर इंसर्ट होते हैं। 5/8" स्टड थ्रेड (16 मिमी माउंट) लाइट फिक्स्चर माउंटिंग के लिए उद्योग मानक है। वेरिएंट में क्विक-रिलीज़ क्लैंप, 100 किग्रा तक की भार क्षमता वाले हेवी-ड्यूटी संस्करण और तिरछी माउंटिंग के लिए विशेष एंगल क्लैंप शामिल हैं।
इतिहास और विकास
1923 में न्यूयॉर्क में सेंचुरी लाइटिंग द्वारा ब्रॉडवे थिएटर के लिए विकसित किया गया, जहां स्पॉटलाइट्स को स्टेज के ऊपर की विशिष्ट लोहे की ग्रिड पर माउंट करने की आवश्यकता थी। 1935 में मोल-रिचर्डसन ने इसे फिल्म स्टूडियो के लिए अनुकूलित किया, क्योंकि वहां समान ट्रस संरचनाएं विकसित हो रही थीं। 1958 में USITT (यूनाइटेड स्टेट्स इंस्टीट्यूट फॉर थिएटर टेक्नोलॉजी) द्वारा 5/8" स्टड के मानकीकरण के साथ सफलता मिली। 1990 के दशक के बाद से आधुनिक संस्करणों में हल्के मिश्र धातु और एर्गोनोमिक क्विक-रिलीज़ का उपयोग किया गया है।
फिल्मों में व्यावहारिक उपयोग
"ब्लेड रनर 2049" (2017) में, डीओपी रोजर डीकिंस ने व्यावहारिक सेट की ट्रस प्रणालियों पर एलईडी पैनल माउंट करने के लिए ग्रिड क्लैंप का इस्तेमाल किया। विशिष्ट वर्कफ़्लो: रिगिंग क्रू ट्रस लटकाता है, इलेक्ट्रीशियन ग्रिड क्लैंप के माध्यम से लाइट फिक्स्चर संलग्न करते हैं, अंतिम संरेखण क्लैंपिंग जॉ रोटेशन के माध्यम से किया जाता है। लाभ: क्विक-रिलीज़ सिस्टम के साथ बिना किसी उपकरण के त्वरित पुन: स्थिति। नुकसान: वेल्डेड ब्रैकेट की तुलना में सीमित भार क्षमता, मोबाइल रिग्स में कंपन संवेदनशीलता।
तुलना और विकल्प
सी-क्लैंप (C-Clamp) से अंतर: ग्रिड क्लैंप गोल पाइपों के लिए, सी-क्लैंप सपाट किनारों और बोर्डों के लिए। सेफ्टी चेन अनिवार्य अतिरिक्त हैं, विकल्प नहीं। आधुनिक विकल्प: स्टील संरचनाओं के लिए चुंबकीय माउंटिंग (40 किग्रा तक), चिकनी सतहों के लिए सक्शन कप सिस्टम। समय-संवेदनशील उत्पादन में बाओनेट लॉक वाले क्विक-रिग सिस्टम तेजी से स्क्रू क्लैंप की जगह ले रहे हैं। स्थायी इंस्टॉलेशन में क्लैंप के बजाय स्थायी रूप से बोल्ट की गई माउंटिंग प्लेट का उपयोग किया जाता है।