जर्मन-ऑस्ट्रियाई निर्माण कंपनी 1915–1923 — एरिच पोम्मर द्वारा स्थापित। जर्मन अभिव्यक्तिवाद को परिभाषित किया। 1923 में UFA के साथ विलय।
आप एक अभिव्यक्तिवाद (Expressionism) परियोजना पर काम कर रहे हैं और यह प्रश्न उठता है: यह अत्यधिक दृश्य शैली सिनेमा में कैसे आई? इसका उत्तर सीधे एरिच पोमर के डेक्ला-बायोस्कोप (Decla-Bioskop) की ओर ले जाता है - एक प्रोडक्शन कंपनी जिसने 1915 और 1923 के बीच जर्मन सिनेमा को मौलिक रूप से बदल दिया। पोमर कुछ ऐसा समझते थे जिसे उनके प्रतिस्पर्धी लंबे समय तक नहीं समझ पाए: दर्शक केवल कहानियाँ ही नहीं, बल्कि दृश्य झटके (visuelle Schocks) चाहते थे। उन्होंने इसके लिए एक कारखाना बनाया।
डेक्ला-बायोस्कोप (Decla-Bioskop) ने शुरू में बड़े पैमाने पर वेशभूषा नाटकों (Kostümdramen) के साथ अपनी पहचान बनाई - ऐतिहासिक क्षणों के विस्तृत पुनर्निर्माण, जिनमें बजट साज-सज्जा और सेट डिजाइन में लगाया गया था। उस समय यह सामान्य नहीं था। अधिकांश प्रोडक्शन कंपनियाँ सस्ते, तेज़, प्रति सप्ताह कई रोल के बारे में सोचती थीं। पोमर ने अलग सोचा: डॉ. कैलिगारी की कैबिनेट (Das Kabinett des Dr. Caligari) (1920) जैसा एक फिल्म इस माहौल में बनी - न केवल कहानी के कारण, बल्कि इसलिए कि पोमर ऐसे कलाकारों को नियुक्त कर सकते थे जिन्होंने मंच को सिनेमाई स्थानों के रूप में फिर से आविष्कार किया। विकृत सेट, तिरछे कोण, प्रकाश-छाया का नाटक (Licht-Schatten-Dramaturgie) - यह एक सचेत प्रोडक्शन दर्शन था, संयोग नहीं।
सेट पर इसका मतलब है: डेक्ला-बायोस्कोप (Decla-Bioskop) फिल्मों के लिए औसत से अलग कैमरा वर्क की आवश्यकता होती थी। आप केवल एक अभिनय दृश्य के दस्तावेज़कार नहीं थे, बल्कि आपको मंचित वास्तुकला के बारे में भी सोचना पड़ता था। कैमरा केवल अभिनेताओं का पीछा नहीं करता था - यह अभिव्यक्तिवादी विरूपण (expressionistischen Verzerrung) का हिस्सा बन गया। यह एक नए स्तर का शिल्प था। पोमर ने इसके लिए सबसे अच्छे सिनेमैटोग्राफर (Kameraleute) को काम पर रखा, न कि सबसे सस्ते को।
1923 में यूएफए (UFA) के साथ विलय हो गया। यह पोमर का अकेला निर्णय नहीं था - बाजार सिकुड़ रहा था, वित्तीय दबाव बढ़ रहा था, और यूएफए (UFA) अधिक शक्तिशाली शक्ति थी। लेकिन डेक्ला-बायोस्कोप (Decla-Bioskop) ने आठ वर्षों में जो हासिल किया था, वह बना रहा: इसने परिभाषित किया कि उत्पादन (Produktion) केवल पैसा और लॉजिस्टिक्स नहीं है, बल्कि एक कलात्मक रवैया है। कॉस्ट्यूम फिल्म, अभिव्यक्तिवाद (Expressionismus), यह विचार कि एक उत्पाद का केवल प्रबंधन नहीं किया जाता है, बल्कि उसे डिजाइन किया जाता है - यह वहीं से आया। 1923 के बाद ये मानक यूएफए (UFA) में प्रवाहित हुए, और 1920 के दशक की जर्मन फिल्म कला इस इनपुट के बिना अकल्पनीय है। विलय अंत से अधिक एक आत्मसात (Osmose) था।
संबंधित शब्द
क्विज़
1. Zu welchem Department gehört „Decla-Bioskop"?