अत्यधिक जटिल कथानक — कई आपस में जुड़ी कहानियाँ, छिपी प्रेरणा, आश्चर्यजनक मोड़। दर्शक सक्रिय ध्यान देता है।
जब आप एक साथ कई कथानक (plotlines) का अनुसरण करते हैं और अंत में ही आपको पता चलता है कि तीनों আপাত स्वतंत्र पात्र 15वें मिनट से ही एक ही नेटवर्क में उलझे हुए हैं - तो आप एक बीजान्टिन कथानक (Byzantine Plot) का सामना कर रहे हैं। जटिलता लंबाई या एक्शन से नहीं, बल्कि जानबूझकर उलझे हुए प्रेरणाओं, छिपे हुए कनेक्शनों और एक कथा तर्क (narrative logic) से उत्पन्न होती है जिसे दर्शक को स्वयं जोड़ना पड़ता है।
सेट पर आपको यह शायद ही कभी सीधे पता चलता है - यह पटकथा (screenplay) और निर्देशन (direction) का मामला है। लेकिन संपादन (editing) में यह क्रूरता से स्पष्ट हो जाता है। आपके पास चार, पांच अलग-अलग स्थानों की सामग्री होती है, जिनका सतह पर एक-दूसरे से कोई लेना-देना नहीं होता। एक राजनेता एक सौदा करता है, एक नर्स अपने लापता बेटे की तलाश करती है, एक गुर्गा आदेशों का पालन करता है - और प्रत्येक रेखा अपने स्वयं के नियमों का पालन करती हुई प्रतीत होती है। कला यह है कि निर्देशक इन धागों को देर से जोड़ता है, बिना सस्ता लगे। दर्शक को धोखा नहीं दिया जाता, बल्कि उसे जानकारी से वंचित रखा जाता है, छिपाया नहीं जाता।
इसका विपरीत एक रैखिक (linear) या क्लासिक तीन-अंक संरचना (three-act structure) होगी - जहाँ हर दृश्य स्पष्ट रूप से अगले की ओर ले जाता है। बीजान्टिन कथानकों में, आपको अपने दर्शकों पर भरोसा रखना होगा। यह पर्याप्त नहीं है कि कहानी जटिल हो; जब इसे पीछे की ओर सोचा जाए तो यह सुसंगत (coherent) भी लगनी चाहिए। इसलिए ऐसी संरचनाएं ज्यादातर तभी काम करती हैं जब प्रत्येक व्यक्तिगत कथानक अपने आप में सुसंगत हो - केवल शीर्ष प्रश्न का उत्तर नहीं देता।
व्यावहारिक रूप से इसका मतलब है: शूटिंग के दौरान आपको प्रत्येक दृश्य रेखा को पूर्ण आंतरिक तर्क के साथ संभालना होगा। आपका कैमरा एक कथानक का अनुसरण करता है जैसे कि वही एकमात्र हो। संपादन में - या आदर्श रूप से पहले से ही शूटिंग शेड्यूल में - पहेली को एक साथ रखा जाता है। लय (Rhythm) और गति (Pacing) आवश्यक हैं: स्ट्रैंड्स के बीच बहुत अधिक कटओवर भारी पड़ सकता है, बहुत कम दर्शक को विचलित कर सकता है। मेमेंटो (Memento) या पल्प फिक्शन (Pulp Fiction) जैसी फिल्में इस तकनीक का उपयोग करती हैं - खेल के लिए नहीं, बल्कि एक विषयगत बयान को मजबूत करने के लिए: कि सत्य परिप्रेक्ष्य (perspective) है, कि कारणता (causality) सापेक्ष बनी रहती है।
संबंधित शब्द
क्विज़
1. Zu welchem Department gehört „Byzantinische Handlung"?