तकनीकी विवरण
ब्राइट टैंगरिन फॉलो-फोकस सिस्टम सटीक 0.8 गियर के साथ काम करते हैं और स्टैंडर्ड पिच वाले फोकस रिंग पर 300° का रोटेशन रेंज प्रदान करते हैं। मॉड्यूलर मैट बॉक्स सिस्टम 4x4" से 6.6x6.6" तक के फिल्टर साइज़ का समर्थन करते हैं और 15mm से 19mm रॉड सिस्टम के लिए स्टेपलेस एडजस्टेबिलिटी प्रदान करते हैं। फ्लैगशिप "मिस्फिट एटम" का वज़न 680g है और यह ±0.02mm की सटीकता के साथ मैकेनिकल फोकस मार्किंग प्रदान करता है। "रेवोलवर एटम" सीरीज़ CNC-मशीन एल्यूमीनियम 6061-T6 का उपयोग करती है जिसकी सतह की कठोरता 60 HRC है।
इतिहास और विकास
ब्राइट टैंगरिन 2009 में DSLR प्रोडक्शन में अविश्वसनीय फॉलो-फोकस इक्विपमेंट से कैमरा असिस्टेंट की निराशा से उभरा। शुरुआती उत्पाद कैनन 5D मार्क II की उभरती लहर को लक्षित करते थे, क्योंकि किफायती सिनेमा प्रोडक्शन में विस्फोट हुआ था। 2012 में कंपनी ने "मिस्फिट किक" सीरीज़ के साथ प्रोफेशनल मार्केट में अपनी जगह बनाई। 2015 में ARRI एलेक्सा और RED एपिक जैसे हाई-एंड कैमरों के लिए "एटम" उत्पाद श्रृंखला आई। नवीनतम "कसबा" सीरीज़ (2019) 2.4 GHz ट्रांसमिशन और 300 मीटर की रेंज के साथ वायरलेस फॉलो-फोकस तकनीक को एकीकृत करती है।
फिल्मों में व्यावहारिक उपयोग
ब्राइट टैंगरिन इक्विपमेंट का उपयोग "द किंग्ज़ मैन" (2021), "वंडर वुमन 1984" (2020) और नेटफ्लिक्स सीरीज़ "द क्राउन" जैसे प्रोडक्शन में किया गया है। मिस्फिट सीरीज़ विशेष रूप से हैंडहेल्ड और गिम्बल वर्क के लिए उपयुक्त है, जबकि एटम लाइन स्टूडियो सेटअप और स्टेडीकैम ऑपरेशंस में पसंद की जाती है। मॉड्यूलर डिज़ाइन एक ही शूटिंग दिन के भीतर विभिन्न कैमरा फॉर्मेट के बीच त्वरित कॉन्फ़िगरेशन परिवर्तन की अनुमति देता है। मैग्नेटिक क्विक-रिलीज़ सिस्टम औसतन 8 से 2 मिनट तक के रीकॉन्फ़िगरेशन समय को कम करते हैं।
तुलना और विकल्प
ब्राइट टैंगरिन फॉलो-फोकस सेगमेंट में ARRI, Tilta और SmallRig के साथ सीधे प्रतिस्पर्धा करता है। जबकि ARRI सिद्ध ब्रॉडकास्ट-तैयार समाधानों पर ध्यान केंद्रित करता है, ब्राइट टैंगरिन DSLR और सिनेमा कैमरों के बीच नवीन हाइब्रिड सिस्टम पर ध्यान केंद्रित करता है। कीमत की स्थिति समान निर्माण गुणवत्ता वाले तुलनीय ARRI उत्पादों की तुलना में 30-40% कम है। बजट प्रोडक्शन के लिए, SmallRig या Tilta सस्ते विकल्प प्रदान करते हैं, लेकिन ब्राइट टैंगरिन एटम सीरीज़ की यांत्रिक सटीकता तक नहीं पहुँच पाते हैं।