तकनीकी विवरण
बॉटम चॉप मुख्य रूप से 4-ब्लेड वाले बार्नडोर (Barndoors) द्वारा 15-25 सेमी लंबाई के निचले पत्ते या 30° और 90° के बीच एपर्चर कोण वाले विशेष बॉटम चॉपर (Bottom Choppers) द्वारा किया जाता है। आधुनिक एलईडी पैनल अधिक सटीक बॉटम-चॉप प्रभावों के लिए 16 अलग-अलग नियंत्रित किए जा सकने वाले खंडों तक के डिजिटल ज़ोन नियंत्रण का उपयोग करते हैं। फ्लैग-आधारित सिस्टम 24"x36" से 48"x48" तक के मानक आकारों के काले रेशमी झंडों के साथ काम करते हैं, जिन्हें प्रकाश स्रोत से 0.5-2 मीटर की दूरी पर रखा जाता है। 1.2 kW से शुरू होने वाले HMI स्पॉटलाइट्स के लिए एल्यूमीनियम से बने गर्मी प्रतिरोधी बार्नडोर की आवश्यकता होती है, जिनकी तापमान प्रतिरोध क्षमता 200°C तक होती है।
इतिहास और विकास
इस तकनीक का विकास 1940 के दशक में हॉलीवुड स्टूडियो में हुआ, जहाँ सिनेमैटोग्राफर ग्रेग टोलैंड ने चयनात्मक प्रकाश व्यवस्था के लिए व्यवस्थित रूप से बार्नडोर का उपयोग किया। 1952 में मोल-रिचर्डसन (Mole-Richardson) ने स्टूडियो लाइटों के लिए पहले मानकीकृत बॉटम चॉपर पेश किए। 2010 में डिजिटल क्रांति ने पिक्सेल-सटीक बॉटम-चॉप नियंत्रण के साथ प्रोग्रामेबल एलईडी एरे लाए। 2015 से अर्री स्काईपैनल (Arri SkyPanel) जैसे आधुनिक सिस्टम प्रति ज़ोन 256 चमक स्तरों के साथ सॉफ्टवेयर-आधारित बीम-शेपिंग कार्यक्षमता प्रदान करते हैं।
फिल्मों में व्यावहारिक उपयोग
रोजर डीकिंस ने "ब्लेड रनर 2049" में नियॉन दृश्यों के लिए बॉटम चॉप का व्यापक रूप से उपयोग किया, ताकि फर्श के प्रतिबिंबों को समाप्त किया जा सके और हवादार वातावरण को बढ़ाया जा सके। इमैनुएल लुबेज़्की ने "द रेवेनेंट" में इस तकनीक का इस्तेमाल किया, ताकि बर्फ पर परेशान करने वाली छाया डाले बिना प्राकृतिक दिन के उजाले का अनुकरण किया जा सके। संवाद दृश्यों में, बॉटम चॉप मेज की ऊपरी सतहों की अप्राकृतिक रोशनी को रोकता है और चेहरों पर ध्यान केंद्रित करता है। रात के दृश्यों को कम फर्श प्रतिबिंबों और पात्रों और पृष्ठभूमि के बीच बढ़े हुए कंट्रास्ट से लाभ होता है।
तुलना और विकल्प
टॉप चॉप (Top Chop) ऊपरी प्रकाश के हिस्सों को समाप्त करता है, जबकि साइड चॉप (Side Chop) पार्श्व फैलाव को नियंत्रित करता है - बॉटम चॉप केवल निचले छवि क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करता है। आधुनिक विकल्पों में गोबो मास्क (Gobo masks) के साथ प्रोजेक्शन लाइटें या व्यक्तिगत पिक्सेल नियंत्रण के साथ DMX-नियंत्रित LED मैट्रिक्स शामिल हैं। फ्रेस्नेल लेंस (Fresnel lenses) फोकसिंग के माध्यम से प्राकृतिक बॉटम-चॉप गुण प्रदान करते हैं, लेकिन यांत्रिक प्रणालियों की सटीकता प्राप्त नहीं करते हैं। डिफ्यूजन जैल (Diffusion gels) के माध्यम से सॉफ्ट बॉटम चॉप क्रमिक संक्रमण उत्पन्न करता है, जबकि हार्ड बार्नडोर तेज कटिंग एज बनाते हैं।