छायाकार
मैं जब भी 1.37:1 फ़ॉर्मेट में शूट करता हूँ, तो यह 1.33:1 के मुक़ाबले थोड़ी-सी ज़्यादा हॉरिज़ॉन्टल चौड़ाई देता है, लेकिन आधुनिक वाइडस्क्रीन फ़ॉर्मेट्स से कम। मेरी बिम्ब-रचना (image composition) के लिहाज़ से इसका मतलब सिर्फ़ इतना है कि ग्रुप सीन्स में मुझे थोड़ी-सी अतिरिक्त साइड स्पेस मिल जाती है। शुद्ध Academy-स्टैंडर्ड से इसका फ़र्क़ बहुत मामूली है और मेरी कम्पोज़िशन पर इसका असर लगभग नहीं के बराबर पड़ता है।