परिभाषा
रियर-एनामोर्फ़ोट एक एनामोर्फ़िक लेंस सिस्टम है जिसे कैमरे के मुख्य लेंस के पीछे लगाया जाता है और यह 2:1 का क्षैतिज संपीड़न (horizontal compression) उत्पन्न करता है। फ्रंट-एनामोर्फ़ोट के विपरीत, यह लेंस और सेंसर/फिल्म के बीच स्थित होता है और पहले से फ़ोकस की गई छवि को संपीड़ित करता है। यह शब्द "रियर" (पीछे) और ग्रीक "एनामोर्फ़ोसिस" (पुनर्गठन) से मिलकर बना है।
तकनीकी विवरण
रियर-एनामोर्फ़ोट ठीक 2:1 के संपीड़न कारक (compression factor) के साथ काम करते हैं और आम तौर पर 2.8 से 4.0 के बीच टी-स्टॉप (T-stops) के साथ संचालित होते हैं। सिस्टम में बेलनाकार लेंस तत्व (cylindrical lens elements) होते हैं जो केवल एक अक्ष में प्रकाश को मोड़ते हैं, जिससे विशिष्ट क्षैतिज संपीड़न उत्पन्न होता है। ARRI या Cooke जैसे निर्माताओं के आधुनिक रियर-एनामोर्फ़ोट 6K से अधिक का रिज़ॉल्यूशन प्राप्त करते हैं और सुपर35 (Super35) और लार्ज-फॉर्मेट (Large-Format) सेंसर को कवर करते हैं। सही फ़ोकस सुनिश्चित करने के लिए बैकफ़ोकस (backfocus) को 52mm (PL-माउंट) या 46.5mm (LPL-माउंट) पर सटीक रूप से सेट किया जाना चाहिए।
इतिहास और विकास
इसका विकास 1952 में 20th Century Fox के सिनेमास्कोप (CinemaScope) सिस्टम के लिए Bausch & Lomb में शुरू हुआ, जिसमें शुरुआत में केवल फ्रंट-एनामोर्फ़ोट का उपयोग किया गया था। रियर-एनामोर्फ़ोट 1970 के दशक में फ्रंट सिस्टम की ऑप्टिकल सीमाओं की प्रतिक्रिया के रूप में उभरे। Panavision ने 1979 में पहले पेशेवर रियर-एनामोर्फ़ोट सिस्टम के साथ उद्योग में क्रांति ला दी। ARRI ने 2016 में मास्टर एनामोर्फ़िक (Master Anamorphic) लेंस के साथ एकीकृत रियर सिस्टम पेश किए, जो आज हाई-एंड प्रोडक्शन में मानक हैं।
फिल्मों में व्यावहारिक उपयोग
रिडले स्कॉट ने विशिष्ट क्षैतिज लेंस फ्लेयर्स (lens flares) और अंडाकार बोकेह सर्कल (bokeh circles) बनाने के लिए "ब्लेड रनर 2049" (2017) में रियर-एनामोर्फ़ोट का इस्तेमाल किया। डेनिस विलेन्यूवे ने 2.39:1 प्रारूप को प्राप्त करने के लिए "ड्यून" (2021) में इनका उपयोग किया, साथ ही तेज वाइड-एंगल शॉट्स भी लिए। वर्कफ़्लो में पोस्ट-प्रोडक्शन में 2:1 से अंतिम 2.39:1 प्रारूप में डी-स्क्वीज़िंग (de-squeezing) की आवश्यकता होती है। फ्रंट-एनामोर्फ़ोट की तुलना में इसके फायदे कम विग्नेटिंग (vignetting) और बेहतर एज शार्पनेस (edge sharpness) हैं, जबकि नुकसान में उच्च कैलिब्रेशन प्रयास और सीमित लेंस संगतता शामिल है।
तुलना और विकल्प
फ्रंट-एनामोर्फ़ोट अधिक मजबूत ऑप्टिकल कलाकृतियाँ (optical artifacts) और विकृतियाँ (distortions) उत्पन्न करते हैं, लेकिन वे अधिक सार्वभौमिक रूप से लागू होते हैं। रियर सिस्टम एनामोर्फ़िक विशेषताओं को बनाए रखते हुए तकनीकी रूप से स्वच्छ छवियां प्रदान करते हैं। सेंसर क्रॉपिंग (sensor cropping) वाले स्फेरिकल लेंस (spherical lenses) ऑप्टिकल संपीड़न के बिना 2.39:1 प्रारूप प्रदान करते हैं, लेकिन सेंसर रिज़ॉल्यूशन का 30% खो देते हैं। 2018 से ALEXA LF जैसे लार्ज-फॉर्मेट कैमरे बड़े सेंसर क्षेत्र और कम डेप्थ ऑफ़ फ़ील्ड (depth of field) के साथ एनामोर्फ़िक रिकॉर्डिंग की अनुमति देते हैं।