केवल नीले और हरे प्रकाश के प्रति संवेदनशील फिल्म स्टॉक, लाल के प्रति अंधा — लाल वस्तुएं लगभग काली दिखती हैं। ऐतिहासिक B&W सामग्री, आज अवधि सौंदर्यशास्त्र के लिए उपयोग।
जो ऑर्थो-संवेदनशील (ortho-sensitive) फिल्म के साथ काम करते हैं, वे तुरंत देखते हैं: लाल रंग गायब हो जाता है। यह इमल्शन (emulsion) नीले और हरे रंग पर प्रतिक्रिया करता है, लेकिन लाल रंग को ठंडा छोड़ देता है — यह एक गहरे, अक्सर काले क्षेत्र में बदल जाता है। यह मूक फिल्म युग का मानक था, जब तक कि पैनक्रोमैटिक (panchromatic) सामग्री नहीं आई और स्पेक्ट्रम के सभी रंगों को दर्शाया। आज हम ऑर्थो का उपयोग मुख्य रूप से तब करते हैं जब हमें ठीक उसी लुक की आवश्यकता होती है: कठोर कंट्रास्ट (contrast) वाला ब्लैक एंड व्हाइट, नाटकीय छाया, एक विशेष ऐतिहासिक या सौंदर्यवादी आभा।
व्यवहार में, इसका मतलब है: लाल रंग, लिपस्टिक, गर्म त्वचा के रंग — सब कुछ गहरे रंग में पुन: प्रस्तुत होता है। लाल गालों वाला एक अभिनेता अचानक बीमार या खोखला दिखाई देता है। हरी वनस्पति हल्की रहती है, आकाश गहरा काला हो जाता है। जो लोग जानबूझकर ऑर्थो का उपयोग करते हैं, उन्हें प्रकाश व्यवस्था (light setup) को अलग तरह से सोचना पड़ता है — चमक वितरण (brightness distribution) के रूप में नहीं, बल्कि रंग-से-ग्रे रूपांतरण (color-to-gray conversion) के रूप में। एक नीली या हरी जेल लाइट (gel light) सामान्य से अलग काम करती है। मेकअप और वेशभूषा को समन्वित (coordinated) करने की आवश्यकता होती है; एक पीली जैकेट लगभग सफेद हो जाती है, एक लाल टाई अंधेरे में गायब हो जाती है।
तकनीकी कारण: ऑर्थो-संवेदनशील इमल्शन सामग्री में सिल्वर हैलाइड (silver halide) के दाने लंबी तरंग दैर्ध्य (wavelengths) के लिए व्यावहारिक रूप से अंधे होते हैं — लाल रंग उनकी संवेदनशीलता (sensitivity) से बाहर होता है। इसके भंडारण स्थिरता (storage stability) और प्रयोगशाला में प्रसंस्करण (processing) पर भी प्रभाव पड़ते हैं। ऑर्थो फिल्म नीले क्षेत्रों में प्रकाश के प्रति अधिक संवेदनशील होती है, जिसे एक्सपोज़र माप (exposure measurement) में ध्यान में रखा जाना चाहिए। आधुनिक लाइट मीटर (light meter) आमतौर पर पैनक्रोमैटिक पर आधारित होते हैं और ऑर्थो सामग्री को कम आंक सकते हैं।
आज आप जानबूझकर ऑर्थो खरीदते हैं — यह एक रेट्रो (retro) सामग्री है, महंगी, सीमित रूप से उपलब्ध। प्रायोगिक फिल्म निर्माता (experimental filmmakers), शैलीगत इच्छा वाले वृत्तचित्र निर्माता (documentarists with stylistic will) या निर्देशक जो जानबूझकर 1920 के दशक के सौंदर्यशास्त्र (aesthetics) में वापस जाना चाहते हैं, वे इसका उपयोग करते हैं। कुछ लोग पोर्ट्रेट (portraits) शूट करने के लिए इसका उपयोग करते हैं, क्योंकि कठोर कंट्रास्टिंग चेहरे की विशेषताओं को तीव्र (intensifies) करता है। अन्य लोगों को इसका उपयोग अभिलेखीय फुटेज (archive footage) के लिए करना पड़ता है जो प्रामाणिक (authentic) दिखना चाहिए। यह अब कोई गलती या समझौता नहीं है — यह एक निर्णय, शिल्प, इरादा है।
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क्विज़
1. Zu welchem Department gehört „Orthochromatisch"?