सेट पर सभी लाइट्स — फ्रेस्नल, सॉफ्टबॉक्स, एलईडी पैनल, एचएमआई। गैफर की कला सही उपकरण चुनने से शुरू होती है।
सेट पर, लाइटें सब कुछ तय करती हैं - मूड, टेक्सचर, मूवमेंट के लिए जगह। सही लाइट फिक्स्चर का चुनाव केवल एक सौंदर्य निर्णय नहीं है, बल्कि नियंत्रण, दक्षता और व्यावहारिक व्यवहार्यता का मामला है। एक फ्रेस्नेल (Fresnel) साफ किनारों के साथ तेज, फोकस करने योग्य प्रकाश डालता है। एक सॉफ्टबॉक्स (Softbox) छाया के बिना नरम, फैला हुआ प्रकाश फैलाता है। एक एलईडी पैनल (LED Panel) कलर टेम्परेचर (Color Temperature) में लचीलापन प्रदान करता है और 4kW HMI की तुलना में बैटरी को कम चार्ज करता है। हर लाइट फिक्स्चर का अपना स्थान होता है - और वह स्थान गैफर (Gaffer) द्वारा तय किया जाता है, सिनेमेटोग्राफर (Cinematographer) द्वारा नहीं।
क्लासिक उपकरण: 300W से 12kW तक के फ्रेस्नेल (Fresnels) दशकों से मानक रहे हैं, क्योंकि उन्हें डिम (dim) किया जा सकता है, उनकी फोकल लेंथ (focal length) परिवर्तनशील होती है, और कलर टेम्परेचर (Color Temperature) मैचिंग के लिए उनका स्पेक्ट्रम (spectrum) विश्वसनीय रहता है। सॉफ्टबॉक्स (Softboxes) - चाहे वह चिमेरा (Chimera), रिफा-लाइट (Rifa-Lite) या कस्टम-निर्मित हों - वह नरम प्रकाश उत्पन्न करते हैं जो त्वचा को निखारता है और प्रतिबिंबों को कम करता है। एचएमआई (HMIs) तीव्र, डेलाइट-करेक्ट (daylight-correct) होते हैं और बड़े बाहरी क्षेत्रों के लिए अपरिहार्य हैं। एलईडी पैनल (LED Panels) ने वर्कफ़्लो (workflow) में क्रांति ला दी है: कोई गर्मी जमा नहीं होती, केल्विन (Kelvin) मान परिवर्तनशील होते हैं, आसानी से स्टैक (stack) किए जा सकते हैं। लेकिन वे कभी-कभी गलत डिमिंग इलेक्ट्रॉनिक्स (dimming electronics) के साथ झिलमिलाते हैं - यह आपको खरीदते समय पता होना चाहिए, शूट के समय नहीं।
व्यवहार में, आप संयोजन करते हैं: मुख्य प्रकाश (Key Light) अक्सर एक केंद्रित फ्रेस्नेल (Fresnel) या एक बड़ा एलईडी पैनल (LED Panel) होता है। फिल लाइट (Fill Light) एक सॉफ्टबॉक्स (Softbox) या रिफ्लेक्टर (Reflector) से आती है। बैकलाइट (Backlight) व्यक्ति को पृष्ठभूमि से अलग करती है - इसके लिए सटीकता की आवश्यकता होती है, इसलिए फ्रेस्नेल (Fresnel) या स्पॉटलाइट-एलईडी (Spotlight-LED)। पृष्ठभूमि प्रकाश (Background Lights) फैला हुआ और समान होना चाहिए, यहां सॉफ्टबॉक्स (Softboxes) या बड़े सतह वाले एलईडी दीवारें (LED Walls) अच्छा काम करती हैं। डायरेक्ट लाइट (Direct Light) और डिफ्यूज्ड लाइट (Diffused Light) के बीच का संतुलन लुक को परिभाषित करता है - तेज और नाटकीय, या सफेद और क्षणभंगुर। यह उपलब्ध लाइटों से डिजाइन किया जाता है।
एक आम गलती: एक साथ बहुत अधिक लाइटें जोड़ना। गैफर (Gaffer) घटाव के सिद्धांत पर काम करता है - वह लाइटें लगाता है, छाया और ओवरएक्सपोजर (overexposure) की जांच करता है, और फिर जो परेशान कर रहा है उसे हटा देता है। कम लाइटों के साथ, आपके पास कम इलेक्ट्रिकल कॉम्प्लेक्सिटी (electrical complexity), तेजी से सेटअप, बेहतर गर्मी नियंत्रण होता है। दो अच्छी तरह से रखी गई लाइटें चार खराब लाइटों से बेहतर हैं। लाइट फिक्स्चर का चुनाव आपके लाइट डिज़ाइन (Light Design) को तय करता है - इसलिए खरीदते समय या क्रू (crew) के उपकरणों के लिए गुणवत्ता और बहुमुखी प्रतिभा पर ध्यान दें, मात्रा पर नहीं।
संबंधित शब्द
क्विज़
1. Zu welchem Department gehört „Lichter"?