नृत्य मुख्य माध्यम है, सजावट नहीं — गति कथा को आगे बढ़ाती है या अमूर्त रूप बनाती है।
डांस फिल्म (Tanzfilm) क्लासिक नैरेटिव सिनेमा से अलग नियमों पर काम करती है। यहाँ गति भाषा बन जाती है — यह किसी ऐसे नंबर फिल्म की तरह नहीं है जहाँ डांस का एक सीन कहानी को बाधित करता है, बल्कि यह एक ऐसी संरचना है जो पूरे काम को सहारा देती है। कैमरा सिर्फ डांसर का पीछा नहीं करता; यह कोरियोग्राफी का हिस्सा बन जाता है। जो काम फीचर फिल्म में एडिटिंग सीक्वेंस करता है, वही काम यहाँ स्पेस में बॉडी की स्थानिक संरचना करती है।
सेट पर यह ड्रामा सीक्वेंस के साथ ड्रामा से बिल्कुल अलग काम करता है। आप डांस के हिस्सों के बीच कहानी बताने पर काम नहीं कर रहे होते हैं — कथानक (plot) ही डांस होता है। इसका मतलब है: कैमरा मूवमेंट्स को गति का अनुमान लगाना चाहिए, उनका पीछा नहीं करना चाहिए। लाइटिंग नाटकीय (dramaturgical) होने के बजाय रैखिक (linear) रूप से काम करती है। एडिटिंग रिदम बॉडी रिदम के साथ सिंक होता है, डायलॉग टाइमिंग के साथ नहीं। आपको अलग-अलग फोकल लेंथ की ज़रूरत होती है — स्थानिक निरंतरता के लिए अधिक वाइड-एंगल, क्लासिक कट-अवेज़ (cut-aways) कम। एक स्थिर शॉट चार मिनट तक चल सकता है, क्योंकि आंतरिक गतिशीलता पर्याप्त होती है।
यह फॉर्मल-एब्सट्रैक्ट टाइप से लेकर — जहाँ शायद ही कोई नैरेटिव संरचना दिखाई देती है, बल्कि शुद्ध काइनेटिक कविता होती है — उस कहानी तक जाता है जो डांस के माध्यम से बताई जाती है। मर्स कनिंघम (Merce Cunningham) ने इसे स्टूडियो के संदर्भ में और अधिक रेडिकल बना दिया: संगीत और डांस स्वतंत्र होते हैं। सेट पर इसका मतलब है: साउंड-डिजाइन को मूवमेंट्स का पालन करने की ज़रूरत नहीं है। आप बीट के विपरीत कट कर सकते हैं और एसिंक्रोनी (asynchrony) के माध्यम से तनाव पैदा कर सकते हैं।
व्यावहारिक रूप से, यहाँ एक नई समस्या उत्पन्न होती है: ड्रामाटर्जी (Dramaturgy) को प्लॉट की नहीं, बल्कि रिदम की आवश्यकता होती है। विविधताएं दिखाई देनी चाहिए — दोहराव और विचलन नैरेटिव संरचना बन जाते हैं। असेंबली (Montage) सघनता का माध्यम नहीं है (जैसा कि क्लासिक एडिटिंग में होता है), बल्कि स्वयं एक परफॉरमेंस है। अक्सर आप लंबे टेक्स (takes) में काम करते हैं, क्योंकि एडिटिंग स्वयं गति को बाधित कर देगी। इसके लिए सेट पर कम नहीं, बल्कि अधिक सटीक योजना की आवश्यकता होती है।
लाइट और कैमरा रिदम को अधीन किया जाता है। कठोर छायाएँ परेशान करने वाली लग सकती हैं; समान, मॉड्यूलेटेड लाइट बॉडी के आकार को बोलने की अनुमति देती है। फोकस का काम संरचना बन जाता है — दर्शक कहाँ देखता है, यह कोई संयोग नहीं है। स्पेस में गति के साथ, आपको अक्सर हाइपरफोकस (hyperfocus) या स्वीकृत धुंधलेपन (blur) की आवश्यकता होती है — यह इस बात पर निर्भर करता है कि स्थानिक निरंतरता या बॉडी का विवरण अधिक महत्वपूर्ण है।
संबंधित शब्द
क्विज़
1. Zu welchem Department gehört „Tanzfilm"?